What is Large Cap Fund-लार्ज कैप , मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड्स में क्या अंतर है?-( कहाँ करें निवेश )

हेलो दोस्तों आप सभी का इस लेख में स्वागत है और इस लेख में मैं आपको बताऊंगा कि What is Large Cap Fund-लार्ज कैप फंड्स क्या होते और साथ में लार्ज कैप , मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड्स में क्या अंतर है? ,और किस फंड में इन्वेस्ट करने से हमें बेहतर रिटर्न मिल सकते हैं
आमतौर पर यह म्युचुअल फंड की इक्विटी म्यूचुअल फंड (Equity Mutual Fund) की कैटेगरी में आते हैं वैसे तो म्यूचुअल फंड में दर्जनों कैटेगरी और हजारों स्कीम है किसी भी स्कीम में इन्वेस्ट करने से पहले अच्छी तरह एनालाइज करें या फिर किसी एडवाइजर से सलाह लेकर ही निवेश करें
सबसे पहले हम संक्षिप्त में इक्विटी म्युचुअल फंड के बारे में जान लेते हैं

Equity Mutual Fund in Hindi

  • Equity Fund म्यूच्यूअल फंड की वो स्कीम है, जो खासकर शेयर्स/कंपनी के स्टॉक्स में निवेश करती है. इन्हें Growth Fund (वृद्धि फंड) भी कहते हैं.
    Equity Fund में निवेश का ज्यादातर हिस्सा शेयर बाजारों में निवेश के लिए उपयोग किया जाता है. यह Mutual Funds उन निवेशकों के लिए फायदेमंद हो सकता है जो की शेयर बाजार में जोखिम उठाने के लिए तैयार रहते है. क्योंकि अगर इक्विटी फण्ड में ज्यादा मुनाफा है तो इसके साथ ही जोखिम भी उतना ही ज्यादा होता है।
    Equity Funds उच्च जोखिम के साथ उच्च लाभ प्रस्तूत करते है. अधिकाँश इक्विटी फंड्स में कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन के अनुसार निवेश किया जाता हैं. आसान शब्दों में जो फंड्स शेयर बाजार में निवेश करते है वो इक्विटी फंड्स कहलाते है. इनमे ज्यादातर लोग कम समय में अधिक लाभ कमाने की सोच के साथ निवेश करते है।
  • Stock Market में लिस्टेड सर्वाधिक मार्केट कैप वाली पहली 100 कंपनियों के शेयर लार्ज कैप कहलाते हैं। इसके बाद 101 से 250 रैंक की कंपनियों को मिड कैप और 251 व इससे नीचे रैंक की कंपनियों को स्मॉल कैप कहते हैं।
  • आपके मन में यह सवाल उठना लाजमी है कि यह मार्केट कैप क्या है और लार्ज, मिड व स्मॉल कैप कैसे एक दूसरे से भिन्न हैं। मार्केट कैप (Market Cap) का अर्थ किसी कंपनी के शेयरधारकों के पास मौजूद कुल शेयर के साथ वर्तमान शेयर मूल्य का गुणनफल है। उदाहरण के लिए यदि किसी कंपनी के कुल शेयर 1 करोड़ हैं और प्रत्येक का वर्तमान मूल्य 50 रु. है तो कंपनी का मार्केट कैप 1 करोड़ गुणा 50 रु. बराबर 50 करोड़ रु. होगा।
Equity Funds में निवेश करने के लिए लार्ज कैप ,मिड कैप और स्माल कैप इस्कीम मुख्य रूप पॉपुलर है आइये इन इस्कीम के बारे में जानते है

Large Cap Funds- What is Large Cap fund

  • लार्ज कैप म्यूचुअल फंड उन फर्मों में निवेश करते हैं जिनमें साल दर साल स्थिर वृद्धि और उच्च लाभ दिखाने की अधिक संभावना होती है, जो बदले में एक समय के साथ स्थिरता भी प्रदान करता है।
  • ये शेयर लंबी अवधि में स्थिर रिटर्न देते हैं। ये अच्छी तरह से स्थापित कंपनियों के शेयर हैं जिनकी बाजार पर मजबूत पकड़ है और आमतौर पर इन्हें सुरक्षित निवेश माना जाता है।
  • लार्ज कैप फंड अन्य की तुलना में बाजार के उतार-चढ़ाव के प्रति कम अस्थिर होते हैं
    बड़ी कंपनियां अच्छी तरह से स्थापित हैं, जिसका अर्थ है कि उनके पास अधिक सुसंगत है आय है।. यही कारण है कि लार्ज कैप शेयरों को जोड़ने वाला सबसे बड़ा लाभ वह स्थिरता है जो वे प्रदान कर सकते हैं।
  • लार्ज कैप म्यूचुअल फंड मिड कैप और स्मॉल कैप फंड की तुलना में कम अस्थिर होते हैं। चूंकि निवेश बड़ी कंपनियों में किया जाता है, इसलिए इन फंडों में जोखिम कम होता है।
  • लॉन्ग टर्म में लार्ज कैप फंड्स का रिटर्न मिड कैप और स्मॉल कैप फंड से बेहतर होता है। बाजार/व्यवसाय में मंदी के दौरान, निवेशक लार्ज कैप फर्मों में आते हैं क्योंकि वे एक सुरक्षित निवेश हैं।
  • चूंकि लार्ज-कैप कंपनियों के पास लंबे समय तक चलने वाला व्यवसाय होता है, इसलिए ऐसी कंपनियों के बारे में डेटा/विवरण आसानी से उपलब्ध होते हैं, जो इसे प्रदान करना आसान हो जाता है
What is Large Cap Fund-लार्ज कैप , मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड्स में क्या अंतर है?-( कहाँ करें निवेश )
What is Large Cap Fund-लार्ज कैप , मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड्स में क्या अंतर है?-( कहाँ करें निवेश )

Mid Cap funds-What is Mid Cap fund

  • मिडकैप फंड वे फंड होते हैं जो अपना पैसा मार्केट कैपिटलाइजेशन के अनुसार 101 से 250 वीं वाली कंपनियों में निवेश करते हैं। ये कंपनिया मिड कैप कंपनियां होती हैं।
    अगर किसी कंपनी के कुल आउटस्टैंडिंग शेयर्स को करंट शेयर मार्केट प्राइस (CMP) से गुणा कर दिया जाए तो कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन निकलकर आता है।
  • इस प्रकार मिड कैप म्यूच्यूअल फंड का अधिकांश निवेश मिडकैप वाली कंपनियों में ही होता है। मिड कैप म्यूच्यूअल फंड्स को न्यूनतम 65% मिड कैप कंपनीज में निवेश करना होता है। जबकि बाकी वे डेब्ट, स्मॉल कैप, लार्ज कैप में निवेश कर सकते हैं।
    मिड कैप कंपनी वह कंपनी होती है जो लार्ज कैप और स्मॉल कैप के बीच में आती है। ये कंपनियां मार्केट में स्थापित हो चुकी होती होती है और आगे ग्रोथ को तलाश रही होती हैं।
  • अधिकांश निवेश मिडकैप कंपनियों में होने के कारण मिड कैप फंड में लार्ज कैप फंड्स की तुलना में ज्यादा जबकि स्मॉल कैप फण्ड की तुलना में कम रिस्क होता है।
    मिड कैप कंपनियां मार्केट में स्थापित हो चुकी होती है, इसलिए इनमें स्मॉल कैप के बजाय कम रिस्क होती है। परंतु फिर भी मिडकैप कंपनियों को आगे लंबा सफर तय करना होता है जिसमें ये एक स्थिरता तलाश रही होती है इसलिए इनमें लार्ज कैप से ज्यादा रिस्क होती है।
  • मिड कैप फंड्स अपने रिटर्न के कारण बहुत ज्यादा आकर्षक होते हैं। मिडकैप कंपनियों में 8 से 10 वर्षों में ग्रोथ के साथ सुपीरियर रिटर्न देने की भी क्षमता होती है। जो मिडकैप कंपनी भविष्य में सफलता प्राप्त करने में कामयाब होती है वे मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर लार्ज कैप केटेगरी में भी आ सकती हैं।
  • Mid cap म्यूच्यूअल फण्ड में ग्रोथ के संभावनाओं के साथ-साथ रिस्क भी बनी रहती है जो हमें मिड कैप सिलेक्ट करते समय ध्यान रखनी चाहिए। मिडकैप में निवेश करने पर आपके पोर्टफोलियो में आक्रमकता (aggressiveness) आती हैं जो की आपको हाई रिटर्न प्राप्त करने में मदद करता हैं। इसलिए अपने पोर्टफोलियो को विविधता प्रदान करने और हाई रिटर्न्स के लिए आप अपने पोर्टफोलियो में एक मिडकैप फण्ड रख सकते हैं।
  • रिटर्न के लिहाज से मिड कैप फण्ड काफी आकर्षक होते हैं। मिड कैप फंड्स में ग्रोथ के संभावनाएं ज्यादा होती है, इसलिए इनमें रिटर्न देने की क्षमता भी ज्यादा होती है।
What is Large Cap Fund-लार्ज कैप , मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड्स में क्या अंतर है?-( कहाँ करें निवेश )
What is Large Cap Fund-लार्ज कैप , मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड्स में क्या अंतर है?-( कहाँ करें निवेश )

Small Cap funds-What is Small Cap fund

  • स्मॉल कैप म्युचुअल फंड (Small Cap Mutual Fund) अपने निवेश योग्य कार्पस का बड़ा हिस्सा स्मॉल कैप कंपनियों के इक्विटी या इक्विटी संबंधित इंस्ट्रूमेंट में निवेश करते हैं।
  • भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के अनुसार, स्माॅल कैप स्कीमों को अपने कुल ऐसेट का कम से कम 80 प्रतिशत स्माॅल कैप कंपनियों में निवेश करने की आवश्यकता होती है। इसके अतिरिक्त, सेबी स्मॉल कैप कंपनियों की व्याख्या उन कंपनियों के रूप में करता है जिनकी मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से 250 से कम की रैंकिंग है। मौद्रिक हिसाब से, ये कंपनियां 500 करोड़ रुपये से कम की पूंजीकरण वाली कंपनियां होती हैं।
  • यह नोट करना महत्वपूर्ण है कि स्मॉल कैप फंड में काफी जोखिम शामिल होता है। मार्केट में मामूली अस्थिरता का भी स्मॉल कैप कंपनियों की शेयर कीमतों पर भारी प्रभाव पड़ता है।
  • एक चीज स्पष्ट है। आपको स्मॉल कैप म्युचुअल फंडों का चयन तभी करना चाहिए जब आपके पास उच्च जोखिम सहिष्णुता हो। आम तौर पर, निवेश सलाहकार निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो का एक छोटा हिस्सा स्मॉल कैप में लगाने की अनुशंसा करते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि स्मॉल कैप स्टॉक भारी रिटर्न हासिल करने का बड़ा अवसर प्रदान करते हैं। स्मॉल कैप स्कीम में निवेश करने पर धैर्य रखने की आवश्यकता है। छोटी कंपनियों को देश की अगली बड़ी कंपनी बनने से पहले समय की आवश्यकता हो सकती है और वे आपके निवेश पर भारी रिटर्न में सहायता कर सकते है।
What is Large Cap Fund-लार्ज कैप , मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड्स में क्या अंतर है?-( कहाँ करें निवेश )
What is Large Cap Fund-लार्ज कैप , मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड्स में क्या अंतर है?-( कहाँ करें निवेश )

 

लार्ज कैप , मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड्स में क्या अंतर है?

विभिन्न कारकों के आधार पर स्मॉल कैप मिड कैप और लार्ज कैप के बीच अंतर यहां दिया गया है-

What is Large Cap Fund-लार्ज कैप , मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड्स में क्या अंतर है?-( कहाँ करें निवेश )
What is Large Cap Fund-लार्ज कैप , मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड्स में क्या अंतर है?-( कहाँ करें निवेश )
What is Large Cap Fund-लार्ज कैप , मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड्स में क्या अंतर है?-( कहाँ करें निवेश )
What is Large Cap Fund-लार्ज कैप , मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड्स में क्या अंतर है?-( कहाँ करें निवेश )

 

निष्कर्ष:

अब जब आप जानते हैं कि Large Cap Mid Cap Small Cap in Hindi क्या हैं और लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप के बीच अंतर क्या है।
इसलिए, आप इन्वेस्टमेंट करने के लिए किस तरह की कंपनियों और फंडों के बारे में अधिक सूचित निर्णय ले सकते हैं।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एमएसईआई) द्वारा उपलब्ध कराए गए, डाटा के आधार पर एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स ऑफ इंडिया समय-समय पर अपने मार्केट कैपिटलाइज़ेशन के अनुसार शेयरों की एक सूची जारी करता है।
म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट करने से पहले कंपनी की लिस्ट जरूर देखें।
इसलिए, आप वेरीफाई कर सकते हैं कि क्या वह आपके रिस्क प्रोफाइल और आपके इन्वेस्टमेंट टारगेट को पूरा करते हैं।
हमें उम्मीद है कि आपको Large Cap Mid Cap Small Cap in Hindi की पूरी जानकारी मिल गई होगी।

 

 

 

 

 

 

 

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