Mutual Funds vs Stocks- कहाँ इन्वेस्ट करे

एक नए निवेशक के तौर पर आपके मन में ये सवाल जरूर आता है कि आपको स्टॉक मार्केट या म्यूचुअल फंड दोनों में से किस में निवेश करना चाहिए स्टॉक मार्केट और म्यूचुअल फंड दोनों ही निवेश के आकर्षक और लोकप्रिय विकल्प है।

परंतु अपनी मेहनत की कमाई को कहीं भी निवेश करने से पहले आपको Share Market और Mutual Fund में अंतर के बारे में सही जानकारी होनी आवश्यक है। जिससे की आप अपने पैसों का सर्वोत्तम उपयोग सकें और आपका पैसा ग्रोथ करें ।

आज हम Stock Market और Mutual Fund के बीच में अंतर को बारीकी से समझेंगे। इस आर्टिकल के अंत में आपको समझ में आ जाएगा की आपको म्यूच्यूअल फण्ड या स्टॉक मार्केट किस में निवेश करना चाहिए

Mutual Funds vs Stocks in Hindi

शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में अंतर को समझने से पहले इनका संक्षिप्त में अर्थ जान लेना आवश्यक है। जिससे आप समझ पाए की स्टॉक मार्केट और म्यूच्यूअल फंड्स आखिर क्या होते है. (https://smartinvestmentfunds.com/)

Mutual Funds vs Stocks- कहाँ इन्वेस्ट करे
Mutual Funds vs Stocks- कहाँ इन्वेस्ट करे

म्यूच्यूअल फंड क्या है

एक म्यूच्यूअल फंड एक ऐसा मिश्रित फंड होता है जो कि कई निवेशकों के जमा धन से मिलकर बना होता है। एक साथ कई लोगों के निवेश के कारण ही इसे म्यूच्यूअल फंड कहा जाता है।
एक म्यूच्यूअल फंड स्कीम को फंड मैनेजर द्वारा मैनेज किया जाता है जो की एक प्रोफेशनल एक्सपर्ट होता हैं। वह निवेशकों के पैसों को स्टॉक, बांड्स और सिक्योरिटीज में निवेश करता है।
इन सभी सिक्योरिटीज के मार्केट प्रदर्शन के आधार पर इन निवेशकों का रिटर्न तय होता है। अपनी सेवाओं के बदले फंड मैनेजर निवेशकों से फीस के रूप में मामूली एक्सपेंस चार्ज करता है।

इस प्रकार म्यूच्यूअल फंड, स्टॉक मार्केट में निवेश करने का एक indirect तरीका है जिसमें आपको बस पैसे लगाके छोड़ने होते हैं और बाकी सब काम की जिम्मेदारी फण्ड मैनेजर के ऊपर होती हैं।

म्यूच्यूअल फंड्स उन निवेशको के लिए सही है जिनके पास समय की कमी है और मार्केट को एनालिसिस करने की जानकरी नहीं है

स्टॉक मार्केट क्या हैं

शेयर मार्केट में निवेश का मतलब है कि किसी कंपनी के स्टॉक्स में डायरेक्ट निवेश करना। किसी भी कंपनी के शेयर खरीदने के लिए डीमैट खाते की आवश्यकता होती है उसके बाद किसी भी स्टॉक एक्सचेंज से शेयर खरीद सकते है ।

कंपनी का एक शेयर भी हमें कंपनी में आनुपातिक रूप से कंपनी के स्वामित्व (ownership) में हिस्सा देता है। शेयर का मतलब होता हैं कि कंपनी के स्वामित्व का “एक हिस्सा”। किसी भी कंपनी के शेयर खरीदने का सिदा मतलब होता है की आप उस कंपनी के शेयर के बदले उस कंपनी की कुछ हिस्सेदारी खरीद रहे हो ।

कोई कंपनी जनता में अपने शेयर इसलिए जारी करती है क्योंकि उसे पैसों की आवश्यकता होती है। इस प्रकार निवेशक शेयर प्राइस के बदले में कंपनी को पैसे देकर शेयर खरीदते हैं और कंपनी में अपना कुछ स्वामित्व बना लेते हैं।

साथ ही स्टॉक मार्केट के लिए आपके पास समय होना चाहिए क्यों की किसी भी कंपनी के शेयर खरीदने से पहले कम्प्लीट एनालिसिस करना पड़ता है यदि आपके पास समय की कमी नहीं है तो स्टॉक मार्किट आपके लिए सही है । (https://smartinvestmentfunds.com/)

Stock Market और Mutual Fund में अंतर

1. रिस्क (Mutual Funds vs Stocks)

म्यूच्यूअल फंड अपने निवेशकों के पोर्टफोलियो में विविधता प्रदान करते हैं। जबकि स्टॉक मार्किट पोर्टफोलियो में विविधता प्रदान नहीं करते हैं

बॉन्ड्स, शेयर की तुलना में काफी सुरक्षित माने जाते हैं। वैसे भी Mutual Fund पोर्टफोलियो में बहुत से स्टॉक्स और बॉन्ड्स रहते हैं जिससे रिस्क बहुत हद तक कम हो जाती हैं।

वहीं दूसरी ओर आपके म्यूच्यूअल फण्ड पोर्टफोलियो में कोई भी बॉन्ड या डेब्ट फण्ड नहीं है यानी कि 100% स्टॉक्स में निवेश है तो भी इस स्थिति में इतना रिस्क नहीं होता हैं।

इसे एक उदारण से समझते है –

मान लीजिये आपने जिस म्यूच्यूअल फंड में निवेश किया हैं उसके पोर्टफोलियो में 100 शेयर हैं। उनमें से एक शेयर A Ltd का हैं जिसमें कुल 1 % का निवेश हैं।

यदि A Ltd कंपनी डूब जाती हैं तो संपूर्ण पोर्टफोलियो पर इतना प्रभाव नहीं पड़ेगा। क्योंकि बाकि स्टॉक्स इस नुकसान को कवर करने के लिए तैयार रहेंगे और इस शेयर का हिस्सा भी काफी कम था।
वही डायरेक्ट स्टॉक्स में निवेश करने में बहुत ही ज्यादा रिस्क होती हैं। अगर राम के पास A Ltd. कंपनी के 1,000 शेयर हैं।

अगर A Ltd. दिवालिया हो जाए तो इस स्थिति में सर्वाधिक प्रभावित राम होगा न की वह निवेशक जिसने म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश कर रखा हैं।

इसलिए म्यूच्यूअल फंड्स, शेयर्स के मुकाबले कम रिस्की माने जाते हैं।

2. संभावित रिटर्न (Potential Return)

स्टॉक मार्केट के द्वारा स्टॉक्स में निवेश करके हाई रिटर्न प्राप्त किया जा सकता हैं। अगर आपको शॉर्ट टर्म में अधिक लाभ कमाना हैं तो ऐसा आप शेयर मार्केट में निवेश के द्वारा ही कर सकते हैं।
परंतु इसके लिए आपको स्टॉक मार्केट की रिसर्च और विश्लेषण करना आवश्यक हैं। यदि आप ने मार्केट को सही से विश्लेषण नहीं किया और आप ने शेयर खरीद लिए तो आप को नुकशान होने की संभावना बहुत ज्यादा हो जाती है

म्यूच्यूअल फंड में आपको अच्छे रिटर्न के लिए लंबी अवधि के लिए निवेश करना होगा। जबकि स्टॉक मार्केट में कम समय में भी अच्छा मुनाफा कमा सकते है

शेयर बाजार में कम समय में हाई रिटर्न्स प्राप्त हो सकते हैं परन्तु म्यूच्यूअल फण्ड में नहीं।

अगर आप समय निकालकर अपने लिए कुछ अच्छे स्टॉक्स चुन सकते हैं तो आपको शेयर्स में निवेश करना चाहिए। वहीं अगर आप शेयर्स के झंझट में नहीं पड़ना चाहते और समय की कमी है तो आप म्यूचुअल फंड के द्वारा निवेश कर सकते हैं।

3. निवेश की लागत (Cost of Investing)

म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय आपको एक्सपेंस रेशों, एग्जिट लोड आदि देना होता है। यह एक्सपेंस रेशों आपके म्यूच्यूअल फंड को मैनेज करने की एवज में चार्ज किया जाता है।

वही स्टॉक मार्केट में भी निवेश करने पर आपको अपने ट्रेडिंग अकाउंट पर वार्षिक शुल्क देना होता है। इसके अतिरिक्त आपको किए गए सौदों पर ब्रोकरेज, STT, स्टांप ड्यूटी आदि भी देनी होती है।

इन सबके बावजूद शेयर्स में निवेश करने की लागत म्यूच्यूअल फंड में निवेश करने की लागत से कम होती है। एक्सपेंस रेशों आपके म्यूच्यूअल फंड के रिटर्न में से चार्ज किया जाता है जो कि लंबी अवधि में काफी ज्यादा हो जाता है।

निवेश करने की लागत के आधार पर स्टॉक अधिक आकर्षक नजर आते है। यदि आप के पास समय और मार्केट का नॉलेज है नहीं तो आप म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश कर सकते है ।

4 . SIP की सुविधा

मार्केट से वही निवेशक पैसा कमा पाता है जो कि अनुशासित रहता है। म्यूचुअल फंड में आपको SIP (Systematic investment plan) की सुविधा उपलब्ध होती है जिसके द्वारा आप अपनी म्यूच्यूअल फंड स्कीम में प्रति माह एक निश्चित धनराशि जैसे कि ₹1000 या ₹5000 जमा करवा सकते हैं।

दूसरी ओर स्टॉक मार्केट में किसी एक स्टॉक में SIP करने की सुविधा नहीं होती हैं। अगर आपको कोई शेयर प्रत्येक महीने खरीदना भी है तो आपको स्वयं उसके लिए ट्रेडिंग अकाउंट से शेयर खरीदने होंगे ।

5. Asset class या Diversification

Share Market में निवेश करते समय आपको मात्र एक एसेट क्लास मिलती है। इसमें आपका पैसा अकेले इक्विटी में ही निवेश होता है ।
वहीं दूसरी ओर Mutual Funds आपको डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो में निवेश करने की सुविधा देते है। आप अपनी जरूरत के अनुसार कोई सी भी स्कीम चुन सकते हैं जैसे कि इक्विटी म्यूच्यूअल फंड, डेट फंड, हाइब्रिड फंड, बैलेंस्ड फंड।

6 . टैक्स सेविंग

म्यूच्यूअल फंड की ELSS कैटेगरी में निवेश करने पर आपको इनकम टैक्स के सेक्शन 80(c) के तहत ₹1.50 लाख तक के निवेश पर टैक्स छूट मिल जाती है।

दूसरी तरफ स्टॉक मार्केट में जब आप कोई शेयर बेचते हो तो आपको कैपिटल गैन टैक्स देना होता है। आपको 15% की दर से STCG और 10% की दर से LTCG देना होता है। इस प्रकार स्टॉक मार्केट में निवेश करने पर आपको कोई भी टैक्स बेनिफिट नहीं मिलता।

7 . इन्वेस्टमेंट पर नियंत्रण

अगर आप स्टॉक मार्केट में निवेश करने का निर्णय लेते हैं तो आपको अपने इन्वेस्टमेंट को कंट्रोल करने की पूरी पावर होगी। इसमें आप स्वयं निर्णय ले सकते हैं कि आपको क्या खरीदना है, क्या बेचना है, कब खरीदना है और कब बेचना है। शेयर मार्केट में आपके पोर्टफोलियो का प्रदर्शन पूर्णतया आपकी योग्यता और दक्षता पर निर्भर करता है।

वहीं अगर बात की जाए म्यूच्यूअल फंड की तो इसमें आपके पोर्टफोलियो पर आपका कोई नियंत्रण नहीं होता। आपका कार्य बस इतना होता है कि आप एक अच्छा म्यूच्यूअल फंड चुनकर उसमें निवेश कर दें।

म्यूच्यूअल फंड में खरीदने और बेचने के सभी निर्णय फंड मैनेजर के द्वारा ही लिए जाते हैं।

अगर आप अपने हिसाब और पसंद से शेयर खरीदना और बेचना चाहते तो आपके लिए स्टॉक मार्केट अच्छा विकल्प है। परंतु अगर आप चाहते हो कि आपके पोर्टफोलियो को कोई एक्सपर्ट ही देखे तो फिर आप म्यूच्यूअल फंड के साथ जा सकते हैं।

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निष्कर्ष -Mutual Funds vs Stocks in Hindi

अगर आप ऐसे निवेशक हो जो किसी कंपनी के फाइनेंसियल स्टेटमेंट पढ़ सकते हो, साथ ही अच्छे से रिसर्च भी कर सकते हो तो आप स्वयं का स्टॉक पोर्टफोलियो बना सकते हैं।

स्टॉक्स के शानदार रिटर्न के साथ हमेशा हाई रिस्क भी बनी रहती है। इसलिए रिस्क लेने की क्षमता को ध्यान रखना बहुत आवश्यक हैं।

वहीं दूसरी ओर आप एक ऐसे निवेशक है जो स्वयं पर कोई जिम्मेदारी नहीं रखना चाहते और चाहते हैं कोई दूसरा एक्सपर्ट व्यक्ति आपके पोर्टफोलियो को मैनेज करें तो आप म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं।

म्यूच्यूअल फंड आपको अनेक ऐसे विकल्प देता है जिनके माध्यम से आप लॉन्ग टर्म में अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकें। अगर आप बिल्कुल नए निवेशक है तो स्टॉक मार्केट में अपने हाथ आजमाने से पहले आप म्यूच्यूअल फंड से शुरुआत कीजिए। बाद में आप धीरे-धीरे स्टॉक मार्केट में भी निवेश कर सकते हैं।

लेकिन स्टॉक मार्केट में निवेश करने से पहले मेरी आपसे विशेष राय है कि मात्र किसी की टिप्स और बिना कंपनी के बारे में सही जानकारी प्राप्त किये बगैर कभी भी शेयर मत खरीदिये।

दोस्तों, उम्मीद हैं की Mutual Funds vs Stocks या Difference between Share Market and Mutual Fund की ये जानकारी आपके कुछ काम आई होगी।

अगर आपके मन में कोई सुझाव या सवाल हो तो आप हमें कमेंट बॉक्स के माध्यम से पूछ सकते हैं।

 

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