म्यूचुअल फंड के प्रकार (Types of Mutual Funds),Types of mutual funds to invest in

Types of Mutual Funds :- 

म्यूचुअल फंड वित्तीय बाजार में एक प्रमुख निवेश विकल्प हैं जिनका उपयोग निवेशकों द्वारा अपने पैसे को विभिन्न निवेशों में वित्तीयकरण के लिए किया जाता है। इस blogs में आप जानेगे की Mutual Funds कितने प्रकार के होते है और साथ ही आप समझ पाएंगे की किस प्रकार के Mutual fund में Invest करने से आपकी Money और आप Grow करेंगे ।म्यूचुअल फंड के प्रकार (Types of Mutual Funds),Types of mutual funds to invest in.

Open Ended Mutual funds(ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड) :-

ओपन एंडेड म्यूच्यूअल फंड्स सामान्तया वो फंड्स है जो कभी ख़रीदे या बेचे जा सकते है इन फंड्स के लिए कोई टाइम फ्रेम नहीं होता है .Read more at: https://smartinvestmentfunds.com/

Closed Ended Mutual funds(क्लोज्ड एंडेड म्युचुअल फंड) :-

ये ऐसे फंड हैं जो (एनएफओ) के बाद निवेशकों द्वारा खरीद के लिए बंद कर दिए जाते हैं। ओपन-एंडेड फंड के विपरीत, निवेशक एनएफओ अवधि के बाद इस प्रकार के म्यूचुअल फंड की नई इकाइयां नहीं खरीद सकते हैं। इसलिए, क्लोज-एंडेड फंड में निवेश केवल एनएफओ अवधि के दौरान ही संभव है। साथ ही, एक बात ध्यान देने वाली है कि निवेशक क्लोज्ड-एंडेड फंड में रिडेम्पशन के जरिए बाहर नहीं निकल सकते। टाइम फ्रेम पूरा होने के बाद ही रीडंप्सशन कर सकते है । या फिर किसी एक्सचेंज पर जाकर ट्रेड कर सकते है ।. Read more at: https://smartinvestmentfunds.com/

म्यूचुअल फंड के प्रकार (Types of Mutual Funds),Types of mutual funds to invest in
म्यूचुअल फंड के प्रकार (Types of Mutual Funds),Types of mutual funds to invest in

 

 

 

विभिन्न प्रकार के म्युचुअल फंड :- 

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड द्वारा निर्देशित (सेबी) मानदंड, म्यूचुअल फंड में पांच मुख्य व्यापक श्रेणियां और 36 उप-श्रेणियां हैं।

1. Equity Funds :-

 ये फंड्स मुख्य रूप से stock market में निवेश करते हैं और साथ ही इन funds में स्वम से analysis करके या फिर किसी वित्तीय सलाकार से परामर्श करके invest किया जाये तो Equity funds सबसे ज्यादा Return देने की संभावना रखते है और mutual funds के सभी types में से इक्विटी फंड्स में investor सबसे ज्यादा invest करते है  । Equity funds में भी कई types होते है जो निम्नलिखित है । https://smartinvestmentfunds.com/

Large Cap Fund :-

लार्ज-कैप फंड्स एक प्रकार के इक्विटी फंड हैं जो बड़ी कंपनियों में निवेश करते हैं जो बाजार में अच्छी स्थिरता और विश्वसनीयता रखते हैं। इन फंड्स का मुख्य उद्देश्य high financial return के माध्यम से निवेशकों को मुनाफा प्रदान करना होता है। ये फंड्स निम्नलिखित विशेषताओं के साथ आते हैं:

  • स्थिरता (Stability) :- Large Cap Funds में निवेश करने का एक महत्वपूर्ण लाभ यह है कि इनमें निवेश किए गए कंपनियों की वित्तीय स्थिरता और संचालन क्षमता अधिक होती है। ऐसी कंपनियों में निवेश करने से निवेशकों को विपरीत मार्जिन और विनिमय दरों (opposite margin and exchange rates ) की संभावना कम होती है।
  • सुविधा (Facility) :- Large Cap Funds में निवेश करने के लिए निवेशकों को आमतौर पर कम रिस्क और सुरक्षा की अवधारणा की जरूरत होती है। ये फंड्स अधिकतर निवेशकों के लिए अनुकूल होते हैं क्योंकि इनमें निवेश किए गए कंपनियों की बाजार में पहचान होती है और उनके विकास की संभावना अधिक होती है।
  • वित्तीय वापसी (financial return) :- Large Cap Funds का मुख्य उद्देश्य निवेशकों को high return प्रदान करना होता है। ये फंड्स बाजार में सामान्यतः स्थिरता के साथ धीमे गति से बढ़ते हैं और लंबे समयावधि में अच्छा मुनाफा प्रदान कर सकते हैं।
  • निवेशकों के लिए सुलभता: Large Cap Funds में निवेश करना सुलभतापूर्वक होता है क्योंकि ये फंड्स बहुत पॉपुलर हैं और वित्तीय निकायों द्वारा प्रबंधित किए जाते हैं। निवेशकों को इन फंड्स में निवेश करने के लिए कम प्रारंभिक निवेश राशि की आवश्यकता होती है और उन्हें विशेषज्ञों की मदद और सलाह का लाभ मिलता है।
  • लार्ज-कैप फंड्स बाजार में सामान्यत आम निवेशकों के लिए सुरक्षित और profit booking योग्य विकल्प होते हैं। हालांकि, निवेश करने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्यों, जोखिम अदि को पहले से ही सुनिश्चित कर लें ।         (म्यूचुअल फंड के प्रकार (Types of Mutual Funds))

Mid Cap Funds :-

मिड-कैप फंड्स एक प्रकार के इक्विटी फंड हैं जो मध्यम आकार की कंपनियों में निवेश करते हैं। इन फंड्स का मुख्य उद्देश्य होता है मुनाफा उचित रिस्क के साथ प्रदान करना और निवेशकों को उनकी निवेश उद्देश्यों को पूरा करने में मदद करना। ये फंड्स निम्नलिखित विशेषताओं के साथ आते हैं:

  • विकास की संभावना (growth potential: मिड-कैप फंड्स में निवेश करने से निवेशकों को छोटी और उभरती हुई कंपनियों में विकास की अधिक संभावना होती है। ये कंपनियां आमतौर पर बड़ी कंपनियों की तुलना में अधिक विकास की संभावना रखती हैं, और इसलिए निवेशकों को अच्छा मुनाफा प्राप्त करने की संभावना होती है।
  • वित्तीय मान्यता (financial recognition) : मिड-कैप फंड्स में निवेश किए गए कंपनियों की आमतौर पर वित्तीय मान्यता और संचालन क्षमता अच्छी होती है। ऐसे कंपनियों में निवेश करने से निवेशकों को विपरीत मार्जिन और विनिमय दरों की संभावना कम होती है।
  • रिस्क और मुनाफा (risk and profit ) : मिड-कैप फंड्स में निवेश करना मध्यम स्तर का रिस्क प्रदान करता है। ये फंड्स छोटी कंपनियों के कारण थोड़े अधिक जोखिमों के साथ आते हैं, लेकिन इनमें निवेश करने से निवेशकों को अच्छा मुनाफा प्राप्त करने की संभावना होती है।
  • विविधता (Diversity) : मिड-कैप फंड्स में निवेश करने से निवेशकों को विविधता का लाभ मिलता है। ये फंड्स विभिन्न उद्योगों और क्षेत्रों में निवेश करते हैं, जिससे निवेशकों का पोर्टफोलियो विभिन्न कंपनियों और क्षेत्रों के उपर बना होता है। https://smartinvestmentfunds.com/

        Small Cap Funds :-

स्मॉल-कैप फंड्स छोटी और उभरती हुई कंपनियों में निवेश करते हैं। इन फंड्स का मुख्य उद्देश्य होता है मुनाफा बढ़ाना और निवेशकों को उच्च वित्तीय वापसी प्रदान करना।             स्मॉल-कैप फंड्स निम्नलिखित विशेषताओं के साथ आते हैं:  (म्यूचुअल फंड के प्रकार (Types of Mutual Funds))

  • उच्च विकास की संभावना: स्मॉल-कैप फंड्स में निवेश करने से निवेशकों को छोटी और उभरती हुई कंपनियों में उच्च विकास की संभावना होती है। इन कंपनियों का विकास मध्यम-कैप और लार्ज-कैप कंपनियों की तुलना में अधिक होता है, और इसलिए निवेशकों को अच्छा मुनाफा प्राप्त करने की संभावना होती है।
  • रिस्क और मुनाफा: स्मॉल-कैप फंड्स में निवेश करना अधिक रिस्क प्रदान करता है। ये फंड्स छोटी कंपनियों के कारण अधिक जोखिमों के साथ आते हैं, लेकिन इनमें निवेश करने से निवेशकों को उच्च मुनाफा प्राप्त करने की संभावना होती है। इन फंड्स के लिए वित्तीय स्थिरता और जोखिम प्रबंधन पर अधिक ध्यान देना आवश्यक होता है।
  • विविधता: स्मॉल-कैप फंड्स में निवेश करने से निवेशकों को विविधता का लाभ मिलता है। ये फंड्स विभिन्न उद्योगों और क्षेत्रों में निवेश करते हैं, जिससे निवेशकों का पोर्टफोलियो विभिन्न कंपनियों और क्षेत्रों के उपर बना होता है।
  • लंबे समयावधि में मुनाफा: स्मॉल-कैप फंड्स के निवेशकों को धीमे गति से बढ़ने वाले बाजार में लंबे समयावधि में अच्छा मुनाफा प्राप्त होता है। ये फंड्स आमतौर पर लंबे समय तक निवेश के लिए बनाए जाते हैं और बाजार के वोलेटिलिटी के साथ स्थिरता बनाने में मदद करते हैं।
  • स्मॉल-कैप फंड्स अधिकतर उन निवेशकों के लिए उपयुक्त होते हैं जो अधिक जोखिम उठा सकते हैं और लंबे समयावधि में मुनाफा की उम्मीद रखते हैं।

Sector Funds :-

Sector Funds एक प्रकार के म्यूचुअल फंड हैं जो केवल एक विशेष क्षेत्र या सेक्टर में निवेश करते हैं। ये फंड्स निम्नलिखित विशेषताओं के साथ आते हैं:

  • सेक्टरीय निवेश: सेक्टर फंड्स का प्रमुख उद्देश्य एक विशेष क्षेत्र या सेक्टर में निवेश करके उसमें मुनाफा की संभावना प्रदान करना होता है। इन फंड्स के पास उन सेक्टरों की विशेषज्ञता होती है जिनमें वे निवेश करते हैं, जिससे निवेशकों को उचित ज्ञान और समयिक जानकारी मिलती है।
  • प्रतिबद्धता की अवधारणा: सेक्टर फंड्स एक प्रतिबद्ध निवेश दर्जा रखते हैं क्योंकि ये केवल एक विशेष क्षेत्र में निवेश करते हैं। इन फंड्स के निवेशकों को इस सेक्टर के विकास और संकटों को ध्यान में रखते हुए निवेश करना चाहिए।
  • विभिन्नता का लाभ: सेक्टर फंड्स निवेशकों को विभिन्नता का लाभ प्रदान करते हैं। इन फंड्स का पोर्टफोलियो एक ही सेक्टर के कंपनियों के निवेश से बनता है, जिससे निवेशकों का पोर्टफोलियो विभिन्न कंपनियों की बाजारी मान्यता और स्थिरता पर निर्भर होता है।
  • रिस्क और मुनाफा: सेक्टर फंड्स निवेश करने का एक मुख्य पहलू है कि इनमें ज्यादा जोखिम होता है। क्योंकि ये केवल एक सेक्टर में निवेश करते हैं, तो यदि उस सेक्टर में कोई संकट आता है तो निवेशकों को नुकसान हो सकता है। हालांकि, अच्छे विश्लेषक और विशेषज्ञता के साथ निवेश करने से ये फंड्स निवेशकों को उचित मुनाफा प्रदान कर सकते हैं।
  • सेक्टर फंड्स निवेशकों के लिए उचित हो सकते हैं जो किसी विशेष क्षेत्र में रुचि रखते हैं और उसमें अधिक विशेषज्ञता हैं।  https://smartinvestmentfunds.com/

Index Funds :-

Index Funds भी एक प्रकार के म्यूचुअल फंड हैं जो एक निर्धारित निवेशक इंडेक्स (जैसे Nifty 50 या Sensex) के समान रहने का प्रयास करते हैं। ये फंड्स निम्नलिखित विशेषताओं के साथ आते हैं: (म्यूचुअल फंड के प्रकार (Types of Mutual Funds))

  • इंडेक्स की प्रतिष्ठा: इंडेक्स फंड्स का मुख्य लक्ष्य निवेशकों को निर्धारित निवेशक इंडेक्स के अनुसार वापसी प्रदान करना होता है। इंडेक्स एक विशेष वित्तीय सूचकांक होता है जिसमें निर्दिष्ट कंपनियों का समूह शामिल होता है, जो बाजार में प्रतिष्ठितता और मान्यता रखते हैं।
  • निवेश की सरलता: इंडेक्स फंड्स निवेशकों के लिए सरलता और आसानी से निवेश करने का माध्यम प्रदान करते हैं। निवेशकों को इंडेक्स फंड्स में निवेश करने के लिए इंडेक्स के साथ जुड़े शेयर्स की खरीदारी करनी होती है, जिससे पोर्टफोलियो को इंडेक्स के हिसाब से बनाया जाता है।
  • निवेश लाभ: इंडेक्स फंड्स निवेशकों को इंडेक्स की वापसी का लाभ प्रदान करने की कोशिश करते हैं। इंडेक्स फंड्स का प्रबंधन निर्धारित इंडेक्स के साथ जुड़े हिस्सेदारी में होता है, जिससे निवेशकों को इंडेक्स की प्रतिष्ठा और वृद्धि के साथ वापसी की संभावना होती है।
  • निवेशकों के लिए कम शुल्क: इंडेक्स फंड्स आमतौर पर निवेशकों के लिए कम शुल्क प्रदान करते हैं। क्योंकि इन फंड्स का पोर्टफोलियो निर्धारित इंडेक्स के अनुसार बनता है और व्यवस्थापक के पास नवीनतम शेयरों की चयन की ज़रूरत नहीं होती है, इसलिए उन्हें कम शुल्क का लाभ मिलता है।
  • इंडेक्स फंड्स निवेशकों के लिए उपयुक्त हो सकते हैं जो बाजार के सामान्य वृद्धि का लाभ उठाना चाहते हैं और निवेशों में कम जोखिम लेना पसंद करते हैं।

 

म्यूचुअल फंड के प्रकार (Types of Mutual Funds),Types of mutual funds to invest in
म्यूचुअल फंड के प्रकार (Types of Mutual Funds),Types of mutual funds to invest in

 

 

Debt Funds :-

Debt Funds विभिन्न निर्माण से जुड़े निवेश करते हैं जैसे सरकारी बॉन्ड, कॉर्पोरेट बॉन्ड, ट्रेजरी बिल्स आदि। इन्हें निम्नलिखित तरह से वर्गीकृत किया जा सकता है:

  • गिल्ट फंड्स (Guilt Funds ) : ये फंड सरकारी प्रतिष्ठित निवेश के लिए होते हैं और कम जोखिम वाले होते हैं।
  • आय फंड्स ( Income Funds : इन फंड्स का उद्देश्य निवेश करके नियमित आय प्राप्त करना होता है जो कि फिक्स्ड इनकम सुरक्षाएं द्वारा प्राप्त की जाती हैं।
  • लिक्विड फंड्स ( Liquid Funds ) : ये फंड हाईली लिक्विड कोई छोटे अवधि के साधनों में निवेश करते हैं जैसे ट्रेजरी बिल्स और कमर्शियल पेपर।
  • क्रेडिट ऑपर्चूनिटी फंड्स ( Credit Opportunities Funds) : ये फंड निवेश करते हैं कम-रेटेड डेब्ट सुरक्षाओं में जिसका उद्देश्य उच्च लाभ प्राप्त करना होता है।

Hybrid Funds :- 

Hybrid Funds एक ऐसे म्यूचुअल फंड होते हैं जो इक्विटी (Equity) और डेब्ट (Debt) इंस्ट्रुमेंट्स के मिश्रण में निवेश करते हैं और संतुलित पोर्टफोलियो प्रदान करने का उद्देश्य रखते हैं। इन्हें निम्न विभाजनों में विभाजित किया जा सकता है:

  • संतुलित फंड (Balanced Funds): इस fund में इन्वेस्ट equity और debt दोनों में एक निश्चित अनुपात में किया जाता है जिससे investor की risk भी कम हो जाती है और return भी अच्छा मिलने की संभावना होती है
  • मंथली आय योजना (Monthly Income Plans, MIPs): ये फंड निर्धारित अवधि तक निवेश कर नियमित आय प्राप्त करने का उद्देश्य रखते हैं। वे मुख्य रूप से डेब्ट इंस्ट्रुमेंट्स में निवेश करते हैं।
  • डायनामिक एसेट आवंटन फंड (Dynamic Asset Allocation Funds): ये फंड्स मार्केट की स्थिति के आधार पर इक्विटी और डेब्ट के बीच आवंटन को गतिशील रूप से समायोजित करते हैं। और एक निश्चित अंतराल पर Asset Allocation को चेंज करते रहते है जिससे इन्वेस्टर को एक high return मिलने की संभावना रहती है
  • हैब्रिड फंड्स निवेशकों को एक संतुलित पोर्टफोलियो प्रदान करके उन्हें एक संयुक्त लाभ का अनुभव करने की सुविधा प्रदान करते हैं। ये फंड्स अक्सर नए निवेशकों के लिए अच्छे माने जाते हैं क्योंकि वे उन्हें इक्विटी और डेब्ट के बीच संतुलन स्थापित करने में मदद करते हैं।

Tax Saving Fund( ELSS) :- 

टैक्स-सेविंग फंड्स (ELSS ) वित्तीय वर्ष के दौरान आपको आयकर विभाग की धारा 80C के तहत कर लाभ प्रदान करने वाले एक प्रकार के म्यूचुअल फंड हैं। ये निम्नलिखित विशेषताओं के साथ होते हैं:

  • निवेश और लॉक-इन की अवधि: ELSS फंड्स में निवेश करते समय निवेशकों को वित्तीय वर्ष के दौरान निवेश राशि पर कर छूट प्राप्त होती है। ये फंड्स एक न्यूनतम लॉक-इन की अवधि भी रखते हैं, जो आमतौर पर 3 वर्ष होती है।
  • निवेश का मुद्दा: ELSS फंड्स मुख्य रूप से निवेश कर्मियों के लिए उच्च प्रतिशत वाले शेयरों में निवेश करते हैं।

Exchange Trade Fund (ETF) :-

एग्जचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF ) एक निवेश कंपनी द्वारा निर्मित और चालू किया जाता है जिसमें बहुत सारे निवेशकों का पैसा इकट्ठा किया जाता है। ईटीएफ वित्तीय बाजार में ट्रेड किए जा सकते हैं, जिसका मतलब है कि निवेशक उन्हें खरीदने और बेचने के लिए स्टॉक एक्सचेंज का उपयोग कर सकते हैं।

  • निवेश(Invest ) : ETF निवेशकों को एक विशिष्ट इंडेक्स, कंपनी, क्षेत्र या सामग्री पर निवेश करने की अवसर प्रदान करते हैं। ETF funds से शेयरों, बॉन्डों, विभिन्न सेक्टरों, सोना और चांदी आदि में invest किया जा सकता है
  • लिक्विडिटी: ETF बाजार में लिक्विडिटी का उच्च स्तर प्रदान करते हैं, जिसका मतलब है कि निवेशक दैनिक आधार पर खरीद और बिक्री कर सकते हैं। और इनवेस्टेड money को एक्सचेंज के माध्यम से कभी भी withdraw कर सकते है
  • लागत: ईटीएफ की लागत काफी कम होती है और मुख्य रूप से निवेशकों को निवेश के लिए एक न्यूनतम राशि की आवश्यकता होती है। ये फंड्स एक्सचेंज पर ट्रेड होने के कारण नकदी निवेश की जरूरत नहीं होती है।
  • निवेशक सुरक्षा: ईटीएफ कंपनी निवेशकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए न्यूनतम मानकों का पालन करती हैं।

 

Question & Answer :-

Q 1. म्यूचुअल फंड में नुकसान कब होता है ?

Ans.  म्यूचुअल फंड में तब नुकसान होता है, जब शेयर बाजार में गिरावट आती है. म्‍यूचुअल फंड में निवेश करने वालों बाजार पर नजर बनाए रखनी चाहिए

Q 2.म्यूचुअल फंड कितने साल तक रखना चाहिए ?

Ans. अगर लॉन्ग टर्म निवेश की बात करें तो म्यूचुअल फंड को कम से कम 5 से 10 साल तक रखना चाहिए।

Q 3.सबसे ज्यादा रिस्क किस फंड में है ?

Ans.  जब भारत में म्यूचुअल फंड योजना की बात आती है, तो इक्विटी फंड को आम तौर पर सबसे अधिक जोखिम वाली योजना माना जाता है। इक्विटी म्यूचुअल फंड मुख्य रूप से शेयर मार्केट में निवेश करते हैं, जो बाजार में अस्थिरता के अधीन होते हैं और short term investment में उतार-चढ़ाव का अनुभव कर सकते हैं लेकिन Equity Funds में जयादा प्रोफिट होने की संभावना भी होती है

Q 5. महीने में कितना निवेश करना चाहिए ?

Ans.अधिकांश वित्तीय योजनाकार वार्षिक आय का 10% से 15% बचत करने की सलाह देते हैं। Rs.500 प्रति माह का बचत लक्ष्य आपकी आय का 12% है, जो उस आय स्तर के लिए उचित राशि मानी जाती है।

Q 6. क्या 2023 म्यूचुअल फंड में निवेश करने का अच्छा समय है ?

Ans . जी हां, हम यहां इक्विटी म्यूचुअल फंड की नहीं बल्कि डेट म्यूचुअल फंड की बात कर रहे हैं। डेट म्यूचुअल फंड 2023 में बेहतर रिटर्न दे सकते हैं । जब आरबीआई ब्याज दरों में कटौती शुरू करेगा तो वे और भी अधिक रिटर्न की पेशकश करेंगे

Q 7. भारत में कौन सा निवेश सबसे ज्यादा रिटर्न देता है ?

Ans. Equity Funds  भारत में संभावित रूप से उच्च रिटर्न वाली निवेश योजनाएं हैं।

Q 8.मैं म्यूचुअल फंड से कितना कमा सकता हूं?

Ans. आप बन सकते हैं यदि आप लंबी अवधि के लिए म्यूचुअल फंड में निवेश करें जो लगभग 12-15% रिटर्न उत्पन्न करते हैं।

Q.9 1 साल में म्यूचुअल फंड कितना रिटर्न देता है ?

Ans. म्‍यूचुअल फंड एसआईपी की ज्‍यादातर स्‍कीम्‍स का लंबी अवधि का रिटर्न औसतन 12 फीसदी सालाना है. इस तरह देखें, तो अगर आप 50 हजार की मंथली SIP करते हैं, तो 10 साल में 1.16 करोड़ का कॉपर्स बना सकते हैं. इसमें आपका निवेश 60 लाख और अनुमानित वेल्‍थ गेन 56.16 लाख रुपये होगा.

Q 10.सबसे बढ़िया म्यूच्यूअल फण्ड कौन सा है ?

Ans.

  • एसबीआई म्यूचुअल फंड
  • आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड
  • एचडीएफसी म्यूचुअल फंड
  • डीएसपी ब्लैकरॉक म्यूचुअल फंड
  • आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड
  • म्यूचुअल फंड बॉक्स
  • एलएंडटी म्यूचुअल फंड
  • टाटा म्यूचुअल फंड

सारांश :-

मुझे लगता है की इस ब्लॉग में आप सभी को समझ में आ गया होगा की म्यूच्यूअल फंड्स कितने प्रकार के होते है और म्यूच्यूअल फंड्स कसे काम करता है साथ ही में समझता हु की इस ब्लॉग से आप समझ गए होंगे की किस प्रकार के फंड्स में इन्वेस्टमेंट करना है

यदि आप म्यूच्यूअल फंड्स के बारे में और अधिक जानकारी चाहते है तो आप मुझसे कांटेक्ट कर सकते है

धन्यवाद्

 

 

 

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