एसआईपी (Systematic Investment Plan) क्या है?(SIP in Hindi)

एसआईपी (Systematic Investment Plan) क्या है?(SIP in Hindi)

एसआईपी (Systematic Investment Plan) एक निवेश योजना है, जिसमें छोटी-छोटी राशि से निवेश किया जा सकता है। इस योजना के जरिए म्यूचुअल फंड में आसानी से निवेश किया जा सकता है। अगर किसी की मासिक आय कम है तो भी निवेश कर पाएंगे। इस योजना के तहत साप्ताहिक, मासिक, तिमाही, अर्धवार्षिक और वार्षिक में निवेश किया जा सकता है। आय के हिसाब से एसआईपी तय किया जा सकता है, इससे SIP निवेशक अच्छी बचत कर सकते हैं

एसआईपी (Systematic Investment Plan) क्या है?(SIP in Hindi)

एसआईपी में निवेश कम पैसे में शुरू कर सकते हैं, जैसे 100, 500 या 1000 रुपये से शुरुआत की जा सकती है, ज्यादा पैसों से भी शुरुआत कर सकते हैं। हम आपको starting में कम पैसे में शुरू करने की सलाह देते है ।

पैसे बचाने के लिए एसआईपी सबसे बेहतरीन रास्ता है, इसमें निवेशक के ऊपर किसी तरह का बोझ नहीं पड़ता है। अपनी आय के हिसाब से निवेश कर अच्छा रिटर्न हासिल किया जा सकता है।

एसआईपी में निवेश करने के लिए इंटरनेट पर कई प्लेटफॉर्म है। निवेश के लिए कहीं आने जाने की जरूरत नहीं है। फ़िलहाल के वक्त में पैसों की बचत करना बहुत जरुरी है, यह इमरजेंसी की स्थिति में मदद करते हैं।

एसआईपी का फुल फॉर्म सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी कि व्यवस्थित निवेश योजना होता है। उदाहरण के लिए, किसी कंपनी के म्युचुअल फंड का एनएवी 50 रुपये है, अगर इस फंड पर 10000 रुपये का निवेश किया जाए तो उस कंपनी का 200 यूनिट निवेशक को मिल जाएगा। एक साल के लिए इसे होल्ड कर फंड को तब बेचे जब बाजार में एनएवी का मूल्य 100 रुपये हो जाए, तब 10000 रुपये का फायदा कमा सकते हैं। हालाँकि हम आपको लम्बे समय तक होल्ड करने की सलाह देते है जिससे आपको ज्यादा फायदा हो सके ,फिर भी आप अपनी comfort के हिसाब से Purchase & Sale कर सकते है । https://smartinvestmentfunds.com/

एसआईपी के लिए डॉक्युमेंट्स (Documents for SIP in Hindi)

एसआईपी में निवेश के लिए कुछ डॉक्यूमेंट जरुरी होते हैं। शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने के लिए या बैंकिंग सेवाओं को लेने के लिए कुछ अहम डॉक्यूमेंट जरूरी हैं।

  • आधार कार्ड

  • पैन कार्ड

  • बैंक अकाउंट

  • बैंक स्टेटमेंट

  • पासपोर्ट साइज फोटो

  • चेक बुक

सारे डॉक्यूमेंट होने पर आसानी से एसआईपी में निवेश किया जा सकता है, इसके लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन के जरिए या वेबसाइट के जरिए अकाउंट बना कर निवेश कर सकते हैं।

इन डॉक्युमेंट्स के जरिए डीमेट अकाउंट आसानी से ओपन किया जा सकता है। म्युचुअल फंड में निवेश करने के लिए केवाईसी की प्रक्रिया करवाना जरुरी है। बिना केवाईसी के निवेश नहीं किया जा सकता है। केवाईसी में डेट ऑफ़ बर्थ, नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर, एड्रेस प्रूफ, बैंक डिटेल्स जैसी जानकारी दर्ज होती है।

केवाईसी प्रक्रिया को ऑनलाइन या ऑफलाइन भी कर सकते हैं।https://smartinvestmentfunds.com/

एनएवी क्या है ?(NAV in Hindi)

एनएवी का पूरा नाम नेट एसेट वैल्यू है। म्यूचुअल फंड में निवेश एनएवी के मुताबिक किसी म्यूचुअल फंड में एसआईपी के जरिए निवेश करते हैं, उस वक्त एसेट वैल्यू के मुताबिक, म्यूचुअल फंड के एक यूनिट की कीमत तय की जाती है।

एसआईपी (Systematic Investment Plan) क्या है?(SIP in Hindi)

एसआईपी में रिस्क क्या है ?(Risks in SIP)

हर चीज में पैसा लगाने के कुछ रिस्क होते हैं, उसी तरह यहां कुछ रिस्क की आशंका है। एसआईपी की शुरुआत छोटे फंड से की जा सकती है, इसलिए इसमें ज्यादा रिस्क की आशंका कुल मिला कर खत्म हो जाती है। अगर किसी ऐसी कंपनी के एसआईपी में निवेश किए जाए तो घाटे में चल रही है और मुनाफा नहीं कमा पा रही है तो पैसे डूबने के चांस बढ़ जाते हैं। इसलिए हम आपको सलाह देते है की इन्वेस्ट करने से पहले किसी Mutual Fund Distibutor या फिर किसी advisor से परामर्श अवश्य करे ऐसा करने से आपके पैसा डूबने की संभावना बहुत कम हो जाती है ।

अगर एसआईपी में निवेश कम वक्त के लिए किया जाए तो नुकसान हो सकता है। लंबे वक्त के लिए निवेश करने से नुकसान होने के चांसेस कम हो जाते हैं। अगर जारी एसआईपी को दो-तीन महीने में तोड़ दिया जाए तब एसआईपी प्रक्रिया पूरा न करने पर नुकसान हो सकता है। अगर कंपनी को अचानक किसी क्राइसिस का सामना करना पड़ जाए तो नुकसान हो सकता है।https://smartinvestmentfunds.com/

 

एसआईपी के फायदे (Benefits of SIP in Hindi)

एसआईपी (Systematic Investment Plan) क्या है?(SIP in Hindi)
एसआईपी में निवेश करने के कई फायदे हैं, जैसे अगर इनकम टैक्स स्लैब के दायरे में आते हैं और इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते है, उसके लिए एसआईपी फायदेमंद होगा क्योंकि इससे टैक्स रिटर्न में छूट मिल सकती है।

  • एसआईपी बचत करने का एक बेहतरीन तरीका है। एसआईपी में यह बोझ नहीं होता कि आपको हर महीने पैसे देने हैं, चाहे तो सालाना निवेश भी किया जा सकता है, जिससे अच्छा खासा पैसा इकठ्ठा हो जाता है।

  • जो रिस्क लेने से डरते हैं, उनके लिए यह एक अच्छा विकल्प है।

  • एसआईपी में कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है,

  • अगर लंबे वक्त तक निवेश करना है तो ज्यादा मुनाफा होता है।

  • अगर बाजार में रिटर्न बढ़ रहा है तो एसआईपी में निवेश बढ़ा सकते हैं।

  • इसमें चाहे तो बाजार में गिरावट आने पर एसआईपी रोक भी सकते हैं, बाजार में फिर से सुधार हो तो एसआईपी को दोबारा चालू कर सकते हैं।

  • एसआईपी ऑटो सुविधा भी बैंक से ले सकते हैं, इसमें कहीं आने जाने की जरूरत नहीं पड़ती।https://smartinvestmentfunds.com/

एसआईपी के नुकसान (Disadvantages of SIP in Hindi)

  • अगर एसआईपी मिस कर दी है तो नुकसान हो सकता है।

  • हर महीने पैसों की जरूरत पड़ती है, जिसका इंतजाम करना पड़ता है।

  • नुकसान होने की आशंका रहती है।

  • बाजार में उतर-चढ़ाव हो तो उस वक्त अच्छा रिटर्न नहीं मिलता है।

  • अगर नियमित आय स्रोत नहीं है तो एसआईपी न भर पाने पर नुकसान उठाना पड़ सकता है।https://smartinvestmentfunds.com/

एसआईपी (Systematic Investment Plan) क्या है?(SIP in Hindi)

एसआईपी कैसे शुरू करें?

एसआईपी शुरू करना बहुत आसान है। एसआईपी में दो तरीकों से निवेश किया जाता है, पहला डायरेक्ट प्लान और दूसरा रेगुलर प्लान में आसानी से निवेश करना शुरू किया जा सकता है। डायरेक्ट प्लान में कोई मिडिल मैन या कोई ब्रोकर नहीं होता है। इसमें किसी भी कंपनी की योजना में डायरेक्ट एएमसी के जरिए निवेश कर सकते हैं। इससे अच्छा खासा रिटर्न भी हासिल हो सकता है।

शुरूआती दौर में या नए निवेशक के लिए यह सही नहीं है, क्योंकि इसमें कोई गाइड करने के लिए नहीं होता है, इससे नुकसान के चांस बढ़ जाते हैं। ज्यादा जानकारी न होने पर एनालिसिस करने में मुश्किल होती है, इसी कारण नुकसान उठाना पड़ता है।

रेगुलर प्लान में मिडिल मेन या ब्रोकर शामिल होते हैं, इसमें ब्रोकर एएमसी से स्किम खरीद लेते हैं। जिसके बाद वे निवेशक के जरिए निवेश करवाते हैं। इससे नए निवेशक को नुकसान होने के चांसेस कम होते हैं। इसमें ब्रोकर अपनी फ़ीस लेते हैं। ज्यादातर निवेशक इसी प्लान में निवेशक करते हैं। इसमें ब्रोकर निवेशक को सही म्युचुअल फंड में निवेश करने के लिए सिफारिश करते हैं, इससे निवेशक को भी आसानी होती है।https://smartinvestmentfunds.com/

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Q & Ans.

Q.1 सिप में कितना रिटर्न मिलता है ?

Ans.  ज्‍यादातर विशेषज्ञों का  मानना है कि SIP के जरिए औसतन 12 फीसदी तक ब्‍याज मिल जाता है और कई बार तो ये ब्‍याज 15 और 20 फीसदी तक भी मिल सकता है

Q.2. अगर मैं एसआईपी में 5000 निवेश करूं तो मुझे कितना मिलेगा?

Ans.  अगर आप 5 साल तक हर महीने 5000 रुपए का एसआईपी करते हैं तो आपको इसमें कुल 3 लाख रुपए का निवेश करना होगा. वहीं अगर ब्याज दर की बात करें तो आपको औसतन 12 फीसदी की दर से ब्याज का लाभ मिल सकता है, जिसमें आपको 1,12,432 रुपए ब्याज के रूप में मिलेंगे. इस तरह 5 साल बाद आपको 412,432 रुपए मिलेंगे.

Q.3.  सिप में पैसा कैसे बढ़ता है?

Ans. इसमें आप अपना पैसा थोड़ा-थोड़ा करके किसी फंड मैनेजर या फंड मैनेजिंग कंपनी को देते हैं. वह कंपनी आपकी राशि अलग-अलग क्षेत्रों (मुख्यत: स्टॉक्स) में लगाती है. आपका जमा पैसा रिटर्न के साथ-साथ धीरे-धीरे बढ़ने लगता है और लंबी अवधि में एक बड़ा अमाउंट तैयार हो जाता है ?

Q.4.म्यूचुअल फंड कितने साल तक रखना चाहिए?

Ans. सबसे अधिक 14.9% की दर से रिटर्न 15 साल तक निवेश करने वाले निवेशकों को मिला। इस रिपार्ट की एनालिसिस से पता चलता है कि अगर आप 15 साल तक म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं तो आप सबसे बेहतर रिटर्न पा सकते हैं। वहीं, कम से कम तीन साल तक निवेश करना सही होगा

Q.5. निवेश योजना क्या है ?

Ans. निवेश का मकसद पैसे कमाना और वक्त के साथ-साथ अपनी बचत का मूल्य बढ़ाना है। यह भविष्य में आय बनाने का एक तरीका है। निवेश कुछ भी हो सकता है, जैसे शेयर, बांड, म्यूचुअल फंड, कोई जमीन या प्लाट जो भविष्य में आय बनाकर दें।

इस ब्लॉग में मैने आप को बताया की sip क्या होती है ,sip फयदे और नुकशान क्या है , sip में इन्वेस्ट कसे करे यदि आपको यह article अच्छा लगा तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करे जिससे उनके भी काम आ सके और सही इन्वेस्टमेंट कर सकेंhttps://smartinvestmentfunds.com/

 

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